Saturday, 5 May 2018

Mangal mantra

सर्व मंगल मंगले शीवे सार्वाध साधीके शरणये त्र्म्ब्के गौरी नारायणी नमस्तूते सुप्रभात

Thursday, 3 May 2018

Puspanjali mantra

 

कर्पूर गौरमं कारुणावतारं

संसार सारम भुजगेंद्र हारम |

सदा वसंतां हृदयारविंदे

भवम भवानी साहितम् नमामि ||

 

मंगलम भगवान शंभू

मंगलम रिषीबध्वजा ।

मंगलम पार्वती नाथो

मंगलाय तनो हर ।।

 

सर्व मंगल मङ्गल्ये

शिवे सर्वार्थ साधिके ।

शरण्ये त्रंबके गौरी

नारायणी नमोस्तुते ।।

 

।। अथ मंत्र पुष्पांजली ।।

 

ॐ यज्ञेन यज्ञमयजंत देवास्तानि धर्माणि प्रथमान्यासन्|

ते हं नाकं महिमान: सचंत यत्र पूर्वे साध्या: संति देवा:

ॐ राजाधिराजाय प्रसह्ये साहिने |

नमो वयं वैश्रवणाय कुर्महे

स मे कामान्कामकामाय मह्यम्|

कामेश्वरो वैश्रवणो ददातु|

कुबेराय वैश्रवणाय | महाराजाय नम:

ॐ स्वस्ति साम्राज्यं भौज्यं स्वाराज्यं वैराज्यं

पारमेष्ठ्यं राज्यं माहाराज्यमाधिपत्यमयं समंतपर्यायी

सार्वायुष आंतादापरार्धात्पृथिव्यै समुद्रपर्यंता या एकराळिति

तदप्येष श्लोकोऽभिगीतो मरुत: परिवेष्टारो मरुत्तस्यावसन्गृहे

आविक्षितस्य कामप्रेर्विश्वेदेवा: सभासद इति।

 

ॐ विश्व दकचक्षुरुत विश्वतो मुखो विश्वतोबाहुरुत

विश्वतस्पात संबाहू ध्यानधव धिसम्भत त्रैत्याव भूमी जनयंदेव एकः।

 

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि

तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

नाना सुगंध पुष्पांनी यथापादो भवानीच

पुष्पांजलीर्मयादत्तो रुहाण परमेश्वर

 

ॐ भूर्भुव: स्व: भगवते श्री सांबसदाशिवाय नमः।

मंत्र पुष्पांजली समर्पयामि।।

Thursday, 15 February 2018

Friday, 21 April 2017

The meaning of azaan

🕊️🕊️आईये हम *आज़ान का अर्थ*      जाने🕊️🕊️🕊️🕊️🕊️🕊️

*“अल्लाहु अकबर”:-
“अल्लाह सबसे बड़ा (बेमिसाल) है” 

“अशहदु अल ला इलाहा इल्लल्लाह” का अर्थ  
“मैं गवाही देता हूँ; कोई उपास्य/ईबादत के लायक नहीं सिवाय अल्लाह के” 

“अशहदु अन्ना मुहमदुर रसूल्लुल्लाह” का अर्थ
“मैं गवाही देता हूँ; मुहम्मद (saw) अल्लाह के रसूल/पैगम्बर (दूत) हैं“

“हैया ‘अलल-सलाह” का अर्थ
“आओ नमाज़/इबादत की तरफ़“अल्लाह की

“हैया ‘अलल फ़लाह”का अर्थ
“आओ सफ़लता की ओर“ 
(वहि वापस(म्रत्यु) लौटना है)

“ला इलाहा इल्लल्लाह” का अर्थ
“नहीं है कोई इबादत /उपास्य के लायक सिवाय अल्लाह के“ 

उम्मीद करता हूँ आप सबको इसके मायने मालूम चल गए होंगे और अज़ान का सन्देश सारे मनुष्य के लिए है

*ताके मरने के बाद मनुष्य अल्लाह से शिकायत ना करे के हमको किसी ने नहीं बुलाया तेरी इबादत के लिए*
जिस का तात्पर्य यह है कि जिस मालिक ने हमको पैदा किया वहीं हमको इबादत करने का तरीका भी सीकवाऐग पैगम्बरौ के ज़रिए/मद्धम से,। धरती आकाश सब अल्लाह का है ऊसीकी हुकूमत चलती है

*अल्लाह को हमारी ज़रुरत नहीं
हमै अपने मालिक की ज़रूरत है*
🕊️🕊️🕊️🕊️🕊️🕊️🕊️🕊️
आईये हम अज़ान को विज्ञान की कसौटी पर परखें
आज़ान पुरि दुनिया में एक भी छण /मिनट /वकत नहीं रुकती क्युकी हर जगह एक समय नहीं होता, और दिन मै 5/पंच बार अज़ान होति है और एक ही भाषा मे होती है
वैज्ञानिकों का यह मानना हे की,पुरे विषव मे आज़ान होने से एक प्रकार की धुनि/sound Tornado ऊतपन होता है जो अल्लाह की परिक्रमा करता है जिस की वजह से यह धरती बची है
*और यही बात अल्लाह ने कुरान मे कही है
जबतक इस धरती पर एक भी मानुष मेरा नाम लेने वाला जीवित है धरती बचि रहेगी*