Sunday, 3 June 2018
Saturday, 5 May 2018
Thursday, 3 May 2018
Puspanjali mantra
कर्पूर गौरमं कारुणावतारं
संसार सारम भुजगेंद्र हारम |
सदा वसंतां हृदयारविंदे
भवम भवानी साहितम् नमामि ||
मंगलम भगवान शंभू
मंगलम रिषीबध्वजा ।
मंगलम पार्वती नाथो
मंगलाय तनो हर ।।
सर्व मंगल मङ्गल्ये
शिवे सर्वार्थ साधिके ।
शरण्ये त्रंबके गौरी
नारायणी नमोस्तुते ।।
।। अथ मंत्र पुष्पांजली ।।
ॐ यज्ञेन यज्ञमयजंत देवास्तानि धर्माणि प्रथमान्यासन्|
ते हं नाकं महिमान: सचंत यत्र पूर्वे साध्या: संति देवा:
ॐ राजाधिराजाय प्रसह्ये साहिने |
नमो वयं वैश्रवणाय कुर्महे
स मे कामान्कामकामाय मह्यम्|
कामेश्वरो वैश्रवणो ददातु|
कुबेराय वैश्रवणाय | महाराजाय नम:
ॐ स्वस्ति साम्राज्यं भौज्यं स्वाराज्यं वैराज्यं
पारमेष्ठ्यं राज्यं माहाराज्यमाधिपत्यमयं समंतपर्यायी
सार्वायुष आंतादापरार्धात्पृथिव्यै समुद्रपर्यंता या एकराळिति
तदप्येष श्लोकोऽभिगीतो मरुत: परिवेष्टारो मरुत्तस्यावसन्गृहे
आविक्षितस्य कामप्रेर्विश्वेदेवा: सभासद इति।
ॐ विश्व दकचक्षुरुत विश्वतो मुखो विश्वतोबाहुरुत
विश्वतस्पात संबाहू ध्यानधव धिसम्भत त्रैत्याव भूमी जनयंदेव एकः।
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
नाना सुगंध पुष्पांनी यथापादो भवानीच
पुष्पांजलीर्मयादत्तो रुहाण परमेश्वर
ॐ भूर्भुव: स्व: भगवते श्री सांबसदाशिवाय नमः।
मंत्र पुष्पांजली समर्पयामि।।
Monday, 30 April 2018
Thursday, 15 February 2018
Saturday, 29 April 2017
Friday, 21 April 2017
The meaning of azaan
🕊️🕊️आईये हम *आज़ान का अर्थ* जाने🕊️🕊️🕊️🕊️🕊️🕊️
*“अल्लाहु अकबर”:-
“अल्लाह सबसे बड़ा (बेमिसाल) है”
“अशहदु अल ला इलाहा इल्लल्लाह” का अर्थ
“मैं गवाही देता हूँ; कोई उपास्य/ईबादत के लायक नहीं सिवाय अल्लाह के”
“अशहदु अन्ना मुहमदुर रसूल्लुल्लाह” का अर्थ
“मैं गवाही देता हूँ; मुहम्मद (saw) अल्लाह के रसूल/पैगम्बर (दूत) हैं“
“हैया ‘अलल-सलाह” का अर्थ
“आओ नमाज़/इबादत की तरफ़“अल्लाह की
“हैया ‘अलल फ़लाह”का अर्थ
“आओ सफ़लता की ओर“
(वहि वापस(म्रत्यु) लौटना है)
“ला इलाहा इल्लल्लाह” का अर्थ
“नहीं है कोई इबादत /उपास्य के लायक सिवाय अल्लाह के“
उम्मीद करता हूँ आप सबको इसके मायने मालूम चल गए होंगे और अज़ान का सन्देश सारे मनुष्य के लिए है
*ताके मरने के बाद मनुष्य अल्लाह से शिकायत ना करे के हमको किसी ने नहीं बुलाया तेरी इबादत के लिए*
जिस का तात्पर्य यह है कि जिस मालिक ने हमको पैदा किया वहीं हमको इबादत करने का तरीका भी सीकवाऐग पैगम्बरौ के ज़रिए/मद्धम से,। धरती आकाश सब अल्लाह का है ऊसीकी हुकूमत चलती है
*अल्लाह को हमारी ज़रुरत नहीं
हमै अपने मालिक की ज़रूरत है*
🕊️🕊️🕊️🕊️🕊️🕊️🕊️🕊️
आईये हम अज़ान को विज्ञान की कसौटी पर परखें
आज़ान पुरि दुनिया में एक भी छण /मिनट /वकत नहीं रुकती क्युकी हर जगह एक समय नहीं होता, और दिन मै 5/पंच बार अज़ान होति है और एक ही भाषा मे होती है
वैज्ञानिकों का यह मानना हे की,पुरे विषव मे आज़ान होने से एक प्रकार की धुनि/sound Tornado ऊतपन होता है जो अल्लाह की परिक्रमा करता है जिस की वजह से यह धरती बची है
*और यही बात अल्लाह ने कुरान मे कही है
जबतक इस धरती पर एक भी मानुष मेरा नाम लेने वाला जीवित है धरती बचि रहेगी*